बीकानेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल से लेकर लौटाए जा रहे मैरिज।
मौसमी बीमारियों के चलते मरीजों की भीड़ तो उमड़ रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाएं नाकाम सिद्ध हो रही हैं।
मुकेश कुमार (क्राइम एडिटर इन चीफ)TV 9 भारत समाचार बीकानेर (जयपुर)। जयपुर। बीकानेर पीबीएम अस्पताल में रेज़िडेंट चिकित्सकों की हड़ताल का असर अब दिनों दिन गहरा होता जा रहा है। यही वजह है कि सोनोग्राफी आदि महत्वपूर्ण जांचों के लिए मरिजो को भटकना पड़ रहा है । उधर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए चिकित्सकों पीबीएम अस्पताल भेजा है। इधर, मंगलवार को प्रयोगशालाओं के अलावा रेडियो डायग्नोसिस विभाग में सबसे ज्यादा जांच कार्य प्रभावित रहा है।
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यहां पर मरीजों को हड़ताल समाप्त होने के बाद आने को कहा जा रहा है। ऐसे में मरीज को जांच करने के लिए निजी क्षेत्र में लगी मशीनों से जांच करनी पड़ रही है। रेडियो डायग्नोसिस विभाग रेजिडेंट चिकित्सकों के भरोसे ही चलता है। इस समय रेजिडेंट चिकित्सको की हड़ताल के कारण सोनोग्राफी, सिटी स्कैन तथा एमआरआई जांच प्रभावित हो रही है। अस्पताल के 22 नंबर कमरे में लगी मशीन के कक्ष में सन्नाटा पसरा रहता है। यहां पर उन्हें मरीजों की जांच की जा रही है, जो गंभीर रूपसे बीमार हैं। जबकि प्रसूति रोग विभाग एवं ट्रॉमा सेंटर मैं एक भी मरीज की जांच नहीं की जा रही है। प्रसुताओं को भी जांच करने के लिए 22 नंबर कक्षा आना पड़ रहा है। इसके अलावा ( एस बीबी )में सीटी स्कैन एवं(एम आर आई) जांच कार्य प्रभावित हो रखा है।
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16 नंबर आउटडोर पर दबाव और बड़ा-
इस समय मौसमी बीमारियों के चलते इस समय मरीजों की सबसे अधिक भीड़ मेडिसिन विभाग के 16 नंबर आउटडोर में उमड़ रही है। इस आउटडोर में इस समय करीब 1000 मरीज का पंजीकरण हो रहा है। ऐसे में रेज़िडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीज को कम ही भरती किया जा रहा है, जिनकी स्थिति गंभीर है एक अनुमान के मुताबिक अस्पताल के सभी आउटडोर में सामान्य दिनों में करीब 7000 मरीज का आउटडोर होता है, लेकिन इस समय हड़ताल के संख्या 6000 हो गई है। इसके अलावा ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं।