फिक्स्ड डिपॉजिट को लेकर नियम में बदलाव, कल से लागू होंगे यह नियम।

1 जनवरी से आरबीआई की ओर से एनबीएफसी और एचएफसी के लिए अपडेट किए गए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को लागू किया जाएगा। यह रिवाइज्ड गाइडलाइंस अगस्त में जारी किए गए थे। नए नियमों में पब्लिक डिपॉजिट का अप्रूवल और रिपेमेंट, नॉमिनेशन, इमरजेंसी एक्सपेंसेंस, डिपॉजिट के बारे में डिपॉजिटर्स को नोटिफाई करना जैसी चीजों को शामिल किया गया है।

मुकेश कुमार क्राइम एडिटर इन चीफ TV 9 भारत समाचार नई दिल्ली। 

1 जनवरी 2025 से कई नियमों में बदलाव हो रहा है। जिनका सीधा असर बाकी जेब पर होगा। इस कड़ी में 1 जनवरी से फिक्स्ड डिपॉजिट यानी (एफडी) नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं। 

दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने एनबीएफसी और एचएफसी के साथ एफडी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अगर आप नए साल में एफडी करने की योजना बना रहे हैं तो आरबीआई के नए एफडी नियमों को जानना चाहिए।

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1 जनवरी आरबीआई की ओर से एनबीएफसी और एचएफसी के लिए अपडेट किए गए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को लागू किया जाएगा। यह रिवाइज्ड गाइडलाइंस अगस्त में जारी किए गए थे। नए नियमों पब्लिक डिपॉजिट का अप्रूवल और रीपेमेंट, नॉमिनेशन, इमरजेंसी एक्सपेंसेंस, डिपॉजिट के बारे में डिपॉजिटर्स को नोटिफाई करना जैसी चीजों को शामिल किया गया है।

मुख्य बदलाव……..

✍️…. आरबीआई की ओर से निर्धारित गाइडलाइंस के मुताबिक, जमाकर्ता छोटे जमा (₹10,000 रूपए तक) की पूरी राशि जमा करने के 3 महीने के भीतर बिना किसी ब्याज के निकाल सकते हैं।

✍️…. बड़े जम के लिए 3 महीने के भीतर बिना किसी ब्याज के मूल राशि का 50 फ़ीसदी और 5 लाख रुपए (जो भी काम हो) तक पार्शियल विड्रोल की अनुमति है।

✍️…. गंभीर बीमारी के मामलों में डिपॉजिटर्स को जमा अवधि की परवाह किए बिना पूरी मूल राशि समय से पहले निकालने की अनुमति है।

✍️…. इसके अलावा, नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों को अब मेच्योरिटी डेट से कम से कम 2 हफ़्ते पहले जमाकर्ताओं को मैच्योरिटी डिटेल्स के बारे में सूचित करना आवश्यक है, ताकि समय पर अपडेट मिल सकें।

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