लखनऊ विधान भवन के सामने परिवार ने किया आत्मदाह का प्रयास।
राजकमल ने आरोप लगाया है कि विपक्षी शहंशाह, इशरत अली और समीर अली निवासी कांटा करौंदी थाना निगोहां द्वारा उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत झूठा मुक़दमा दर्ज़ कराया गया था। इस कारण वह 3.5 महीने जेल में रहें। जेल से बाहर आने के बाद भी विपक्षियों द्वारा उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।
मुकेश कुमार (क्राइम एडिटर इन चीफ)TV 9 भारत समाचार लखनऊ।
राजधानी लखनऊ में विधान भवन के सामने शुक्रवार को एक परिवार ने आत्मदाह का प्रयास किया।
हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से मामला टल गया है। शुक्रवार को लगभग 12:20 बजे विधान भवन गेट नंबर 4 के सामने, राजकमल रावत (34 वर्ष) पुत्र बराती लाल, निवासी थाना निगोहां ने अपनी समस्या को लेकर आत्मदाह करने का प्रयास किया।
राजकमल ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया था। जिसे सजग महिला से सिपाही लक्ष्मी देवी और स्थानीय पुलिस ने तत्काल रोका और थाना हजरतगंज ले जाया गया।
राजकमल ने आरोप लगाया है कि विपक्षी शहंशाह, इशरत अली और समीर अली निवासी कांटा करौंदी थाना निगोहां द्वारा उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत झूठा मुक़दमा दर्ज़ कराया गया था।
इस कारण वे 3.5 महीने जेल में रहें। जेल से बाहर आने के बाद भी विपक्षियों द्वारा उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।
परिवार के अन्य सदस्य, पत्नी नीतू कुमारी (27 वर्ष ), पुत्री जिया सिंह (6 वर्ष ), पुत्र रुद्रांश (3 वर्ष ), पुत्री जियांशी (8 वर्ष) भी इस घटना से प्रभावित है। मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा स्थिति पर सतर्कता से कार्यवाही की गई है।
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