विशाल धम्मचारिका पदयात्रा रविवार को कुशीनगर में पहुंचेगी

सारनाथ से कुशीनगर तक की पदयात्रा तथागत बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली से राजकुमार सिद्धार्थ के ननिहाल देवदह होते हुए तथागत बुद्ध के महापरिनिर्वाणस्थली कुशीनगर पहुंची पदयात्रा में तमकुही राज के सर्व धर्म सगामम समाजवादी विचारक सुरेश यादव सम्मिलित होकर कुशीनगर की मर्यादा को बढ़ाया

कृष्णा यादव, तमकुहीराज/कुशीनगर। बौद्ध धर्म के अनुयाई बुद्ध के प्रासंगिक विचारों पर जन-जन को संदेश देने के उद्देश्य से विशाल धम्मचारिका पदयात्रा तथागत बुद्ध की पावन प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ से प्रारंभ प्रारंभ हुई गत 1 दिसंबर दिन रविवार को पीपीगंज में भोजन दान तथा कैंपियरगंज में रात्रि विश्राम हुआ 2 दिसंबर को फरेंदा में भोजन दान एवं विश्राम के उपरांत पदयात्रा का कारवां आगे बढ़ता गया तथा 7 सितंबर दिन शनिवार को रामकोला में भोजन दान तथा ठेकुआटांड़ में रात विश्राम का आयोजन हुआ।

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करवा सारनाथ से वाराणसी से होते हुए गाजीपुर बलिया देवरिया जनपद के रास्ते गोरखपुर महाराजगंज से होते हुए कुशीनगर जनपद में प्रवेश किया रविवार के दिन तथागत बुद्ध की परी निर्माण स्थल कुशीनगर में यह कारवां पहुंच रही है रास्ते में जगह-जगह लोगों ने बुद्ध धर्म के अनुयायियों का स्वागत बंदन किया तथा जगह-जगह भोजन दान एवं विश्राम करने की व्यवस्था की।

सभी धर्म के अनुयायियों की मनोकामना के साथ ही बौद्ध धर्म अपनाने के लिए बुद्ध के सात्विक विचारों का प्रचार प्रसार पदयात्रा के माध्यम से किया गया। इस पदयात्रा में तमकुही राज के लाल बुद्ध धर्म के अनुयाई नौजवान समाजवादी विचारक जो हमेशा गरीबों के सुख-दुख के लिए दो कदम आगे चलते रहे तथा हमेशा गरीबों की पीड़ा के दर्द को समझने वाले ग्राम सभा कोईन्दी बुजुर्ग निवासी सुरेश यादव ने इस कारवां में सम्मिलित होकर के इस पदयात्रा को आगे बडाते हुए स्वयं पदयात्रा में शामिल होकर कुशीनगर की मान और मर्यादा का सम्मान करते हुए रविवार को बुद्ध की परि निर्माण स्थली कुशीनगर में करवा के साथ विराजमान हुए विश्व में कुशीनगर का यश और कीर्ति हर क्षेत्र में फैला हुआ है।

भगवान बुद्ध को मानने वाले आज भी प्रतिदिन कुशीनगर में तथागत की प्रतिमा का दर्शन करते हैं तथा अपनी मन्नते मांगते हैं जो अवश्य ही पूरा होती है विद्यार्थी से लेकर बूढ़े नौजवान तक कुशीनगर की पावन पवित्र धरती पर प्रतिदिन तथागत बुद्ध का दर्शन करने आते हैं।

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